शुक्रवार, 26 सितंबर 2014

सियासी हनीमून ख़त्म ,,तलाक

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 तेजी से बदल रहे हैं सियासी समीकरण। हर पल  नए दांव की तैयारी आशंका और अंदेशा  !महाराष्ट्र की राजनीति  एक ही दिन दो प्रमुख गठबंधनों के टूटने की गवाह बनी और इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद रोचक हो गया क्योंकि अब चारों प्रमुख दल भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अलग अलग चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
भाजपा—शिवसेना और कांग्रेस—राकांपा के पुराने गठबंधनों के टूटने के बाद महाराष्ट्र की चुनावी फिजा में काफी गर्मी पैदा हो गई है। संभव है कि अब चुनावी मैदान में पुराने दोस्त एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करें।

इन चार प्रमुख दलों के अलग चुनाव लड़ने के फैसले के बाद राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पांचवें प्रमुख दावेदार के रूप में जनता के बीच जाएगी। वैसे मनसे को लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था और उसका खाता भी नहीं खुल पाया था।
लोकसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने कुछ छोटे दलों के साथ मिलकर 48 में से 42 सीटें जीतीं। महाराष्ट्र में शिवसेना अब तक भाजपा के बड़े भाई की भूमिका निभाती रही थी। इन दोनों के बीच उस वक्त अलगाव हुआ है जब भाजपा केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत के साथ सत्तासीन है। तीन दशक बाद ऐसा हुआ कि किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला।चलिए देखते हैं।राजनीति की गणिकाएं किसपर।।।।।कैसे डोरे डालने में कामयाब होती है!

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