शनिवार, 12 मार्च 2016

नौजवान दिलो की दो धड़कने जिनका जन्म दिन है आज

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नौजवान दिलो की दो धड़कने जिनका जन्म दिन है आज

बैरी पिया..छलक छलक.....तू चाहिए....आ रहा हूँ मैं....






संगीत और गायकी की कोई सरहद नहीं होती.न ही किसी भौगोलिक बंधन का मोहताज होता है वह.संगीत और गायकी की फिजाँ भी ऐसी ही होती है जो सुनने वालों को मदहोश कर देती है.गायकी न जात देखती है न पूछती है ,बन्दे!तुम्हारा मादरे वतन क्या है? सम्मोहन सुगंध से सराबोर श्रोता गाफिल होकर बस खो बैठते है अपनी सुध-बुध -और हो जाते है आवाज के जादू में गुम.
यह अफ़साना बयां
किया जा रहा है गायन के क्षेत्र में महारत हासिल दो युवा दिलो की धड़कन का..... ,समूचा युवा वर्ग जिनके गीत बजते ही नाचता ,थिरकता ,फुदकता और रूमानियत के एहसास से अपने ही भीतर खो जाता है दिल के तहखाने में!
श्रेया घोषाल इन दोनों में से एक का नाम है,दूसरा दिलकश है आतिफ़ असलम.कैसा खूबसूरत संयोग है कि दोनों का ही जन्मदिन एक ही रोज यानी 12 मार्च को आता है. एक भारतीय तो दूसरा पाकिस्तानी. सिर्फ एक ही बरस का फ़र्क है श्रेया और असलम की उम्र में.
पहले बात करते हैं श्रेया घोषाल की,1984 में पश्चिम बंगाल के बरहामपुर में पैदा हुई श्रेया मूलतः राजस्थान के रावतभाटा की है,श्रेया के पति उनके बचपन के दोस्त शिलादित्य मुखोपाध्याय हैं.श्रेया बॉलीवुड फिल्मो की मशहूर प्ले बैक सिंगर हैं जिन्हें अब तक 4 नेशनल फ़िल्म अवार्ड 6 फ़िल्म फेयर अवार्ड 5 बेस्ट फीमेल प्ले बैक अवार्ड ,आर डी बर्मन अवार्ड (न्यू म्यूजिक टेलेंट अवार्ड 2003),8 दक्षिण भारतीय फ़िल्म फेयर अवार्ड मिल चुके हैं.
चार बरस की उम्र से ही श्रेया ने गाना शुरू कर दिया था.सोलह बरस की उम्र में उन्हें सा रे ग म प रियलिटी शो में संजय लीला भंसाली ने सबसे पहले नोटिस किया और फ़िल्म देवदास में उनके गाये गीत बैरी पिया.... को फ़िल्म फेयर अवार्ड मिला.
श्रेया के सदाबहार गीत हैं-अगर तुम मिल जाओ....,बरसो रे...,ये इश्क़ हाय...,छलक छलक.,मोरे पिया,सिलसिला ये चाहत का,डोला रे डोला रे, डोला रे....,उनके बांगला अल्बम बेहद मशहूर हुए.
और भी ढेर सारी फिल्मो में श्रेया ने गीत गाये.जॉयलुकास ज्यूलरी का ब्रांड एम्बेसेडर भी बनीं श्रेया.वाणी जयरामऔर मन्ना दा ने भी श्रेया की प्रशंसा की है.अमेरिकी स्टेट ओहियो के गवर्नर टेड स्ट्रिक्ट लैंड ने 26 जून 2010 को श्रेया घोषाल दिवस आयोजनपूर्वक मनाया. 
युवाओं में उनके गाये गीत बेहद लोकप्रिय हैं.
लोकप्रियता का दूसरा नाम है पाकिस्तान के हर दिल अजीज़ युवा गायक आतिफ़ असलम.वे आकर्षक अभिनेता भी हैं. वजीराबाद में आतिफ़ का जन्म 1983 में हुआ.,जिनके शरीक-ए-हयात का नाम है सारा भरवाना .आतिफ असलम के मशहूर गीत है -ताजदार ए हरम,जिन्दगी आ रहा हूँ मैं,मर जाएँ,लवशुदा,तू जाने ना ,तू चाहिए,कुछ इस तरह, दूरी, बेइन्तहां,पहली नजर मैं रंग शरबतों का, होना था प्यार, तेरे बिन,मेरी कहानी ....और न जाने कितने रोमांटिक गीतों की फेहरिस्त है आतिफ़ असलम के खाते में. पहला डेब्यू परफॉर्मेंस था बोल फ़िल्म में.सावन-इन्डियन म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस 2013 के सबसे पॉपुलर गायक बने आतिफ़ असलम. वे तमगा-ए-इम्तियाज हासिल करने वाले सबसे नौजवान पाकिस्तानी गायक हैं.
आतिफ़ असलम,नुसरत फतह अली खान और आबिदा परवीन के फैन हैं.तेज गेंदबाज होना और अंडर
19 ट्रायल्स में चयन क्रिकेट के लिए उनकी दीवानगी को दर्शाता है.
जलपरी के अलावा अपनी पॉकेट मनी से आतिफ ने 'आदत'की रिकार्डिंग कराई,भीगी यादें,एहसास,माही वे,आँखों से,और जलपरी भी दुनिया भर में सुपर हिट रहे.
बताने लायक खास बात यह है कि श्रेया घोषाल और आतिफ असलम ने एक साथ मार्च 2010 में अमेरिका और कनाडा में 10 शो करना तय किया था ,यह जोड़ी इस कदर नौजवान ही नहीं वरन हर दिलो पर छा गई कि 6 शो और बढ़ाये गए.
कहने को तो और भी बहुत कुछ है लेकिन फिलहाल आज के रोज श्रेया घोषाल और आतिफ असलम दोनों को ही गीतों भरी जिंदगी के साथ साथ जन्मदिन भी मुबारक!
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* किशोर दिवसे,KISHORE DIWASE,BILASPUR ,CHHATTISGARH, 

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