
जब चली सर्द हवा मैंने तुझे याद किया
ये सर्द रात ,ये आवारगी,ये नींद का बोझ हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते
बढ़ते शहर में मौसम को जीने का अंदाज भी चुगली कर जाता है.या फिर यूँ कहिये के बदलते वक्त में मौसम को जीने की स्टाइल भी "अपनी अपनी उम्र" की तर्ज पर करवटें बदलने लगती हैं.सर्दियों...
12:03 am