मंगलवार, 5 मई 2015

"दद्दू चले छत्तीसगढ़ के सी एम रमन सिंह से मिलने!"

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"दद्दू चले छत्तीसगढ़ के सी एम रमन सिंह से मिलने!"



" जा रहा हूँ मैं सीएम डॉ रमन सिंह से मिलने "- दद्दू ने मुझसे मिलते ही धम्म से गोला  दागा । । मैंने पूछा ," क्या हुआ दद्दू! पैसे -कौड़ी की  मदद..... या फिर नेतागिरी  का चक्कर?.
"नहीं अखबारनवीस,स्मार्ट शहर का भोंपू जोर-शोर से बज रहा है। करमजले  बिलासपुर का तो नसीब ही फूटा है। कभी- कभी तो लगता है बिलासपुर हर मामले में अरसे से रायपुर का एक उपनिवेश था , है और रहेगा!", दद्दू की पेशानी पर बल साफ़ नजर आ रहे थे।
"दुखी मत हो दद्दू,  हर रात के बाद सुबह होती है। ",मैंने ढाढस बंधाकर उनसे कहा,"सी एम ने बिलासपुर  का नाम तो भेजा है अब जे बात तो सब को मालूम है कि छत्तीसगढ़ में अक्खा बिलासपुर ही है जहा सीवरेज  योजना  लागू हुई। अब इसको सफल बनाकर अगर बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में नागरिकों ने ही कोशिश नहीं की  तो  पक्का मिलेगा-बाबाजी का टुल्लू!
"शांत -शांत हो दद्दू!." मैंने एसी  का स्विच ऑन कर दिया। " यार दद्दू! अगर अपना बिलासपुर  स्मार्ट शहर नहीं बना तो भी एक ऑप्शन बचा है हमारे पास "
" वो क्या! दद्दू की आँखें डिश एंटेना के  डिश की तरह फ़ैल गईं।
" बिलासपुर क्षेत्र का हर- एक गाँव तो स्मार्ट गाँव बन सकता है"!,मैंने कहा। " क्या पीएम आदर्श ग्राम योजना की बात कर रहे हो अखबारनवीस?-दद्दू ने कोंचा।
" नहीं भाई मैं वारंगल से १४ किलोमीटर दूर गंगादेविपल्ली की बात कर रहा हूँ।
" क्या खासियत है उसमें! "दद्दू शायद पत्रकार साथी सुजीत ठाकुर की रिपोर्ट नहीं पढ़ पाये थे।  मैंने बताया। 32 बरस से शराबबंदी ,कोई अपराध नहीं ,सौ फीसदी साक्षरता। सबसे ख़ास बात तो यह कि कोई मंदिर ,मस्जिद ,गुरुद्वारा , चर्च भी नहीं। सिर्फ ग्राम देवता  की पूजा। गाँव वालों की अपनी कमेटियां , नुक्सान करने पर जुर्माना। पूरी पंचायत बगैर सरकारी ढोल-धमक्के के सिर्फ गाँव वालों की मेहनत के दम  पर देश में छा गई है यह पंचायत।अनेक योजनाकार ,सिने  स्टार, ६० से अधिक देशों के प्लानरों ने इसे देखा है।  
     
               
  " अखबार नवीस मैं सोच रहा हूँ पंचायतों के मुखिया या कोई जागरूक नागरिक भी आंध्र प्रदेश के गंगादेविपल्ली का गहन  अध्ययन करे तो अपने गाँव को आदर्श गाँव बना सकता है.।- दद्दू की बुद्धिमत्ता चुचुआने लगी।
" सच्ची बात!गाँव वालों का अपने दम पर आदर्श गाँव बनाना  यकीनन काबिल-ए -सलाम बात है।  ख़ास बात तो यह है की अधिकाँश शहर-गाँवों में   जहाँ धार्मिक स्थलों व् ट्रस्ट में आर्थिक घपले और लफड़े, पंचायतों में लूट-खसोट जमकर हो रही हैं वहां गंगादेवीपल्ली पंचायत में सुधार का ऐसा करिश्मा कैसे हुआ?
( अगर  आप भी गंगादेविपल्ली के बारे में नहीं जानते तो गूगल बाबा की शरण में जाइए।  वे अन्तर्यामी हैं।  सब कुछ बता देंगे। )
     " चलता हूँ अखबार नवीस! " रायपुर जाकर सीएम साहब से कहूँगा ," सर जी! आपके मंत्री तो विदेशों  का दौरा तो करते ही रहते हैं. एक बार उन्हें और प्रशासनिक अधिकारियों को गंगादेविपल्ली का टूर मारने बोलिए। अपने छत्तीसगढ़ के गाँवों में भी सच्ची वाला सुराज आ जायेगा। तभी सब लोग गर्व से कह सकेंगे -क्रेडिबल छत्तीसगढ़ .
                     

1 टिप्पणी:

  1. सचमुच हमें स्मार्ट सिटी के छलावे में नहीं आना चाहिए. जरूरत स्मार्ट विलेज की है. व्यंग्य के माध्यम से आपने खरी बात कही है. इस बारे में फेसबुक पर मैंने एक पोस्ट दो दिन पहले डाली थी, समय मिले तो पढ़िएगा.

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