गुरुवार, 16 सितंबर 2010

मंच से मंच तक

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दोस्तों , हिंदी दिवस पर कोरबा में बालको कंपनी के आयोजन में गया था.मेरे एक बहुत पुराने साथी से हिंदी ने मुलाकात करा दी.उन दिनों मै युगधर्म रायपुर में युवा मंच स्तम्भ देखा करता था। । रमेश शर्मा जो आजकल सहारा के छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीएफ़ हीमेरा भरपूर साथ दिया करते थे.दो दशक से अधिक पुरनी यादे तजा हो गई.रमेश ने टिपण्णी भी की,हिंदी ने हमें मंच से मंच तक साथ ला दिया।
सुप्रीम कोर्ट में पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण का दायर हलफनामा सोचने को विवश करता है.जुदिशिअरी को इस बारे में पदर्शी होना चाहिए ताकि उसपर लांछन न लगे.उधर केन्द्रीय कर्मी भत्ता बढ़ने से खुश है.बाकि कर्मचारी भी पीऍफ़ का ब्याज बढ़ने पर बल्ले बल्ले कर रहे है । आज फिलहाल इतना ही। कल मुलाकात होगी।। शुभ रात्रि शब्बा खैर
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