शनिवार, 30 अप्रैल 2011

बसंती! इन कुत्तों के सामने मत नाचना!!!!!

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बसंती! इन कुत्तों के सामने मत नाचना!!!!! कुत्तों की भाषा के डिजिटल  अनुवाद की खबर अरसा पहले किसी अखबार में छपी थी.  खबर में कहा गया था कि जापान की ताकारा कम्पनी ने डिजिटल अनुवादक भी तैयार कर लिया है.उस वक्त बात आई-गई हो गई लेकिन मैंने सोचा  की आने वाले समय में  हो सकता है पशु-पक्षियों...

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

पापा एक घंटे में कितना कमाते हैं आप?

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पापा एक घंटे में कितना कमाते हैं आप?किसी कार्पोरेट कंपनी का अधिकारी देर शाम थका- हारा निढाल होकर अपने घर लौटा.दरवाजे पर उसे अपना पांच बरस का छोटू खड़ा मिल गया.छोटू ने पापा से पूछा ,"" पापा! आपसे एक सवाल पूछूं?". उसके पापा बोले,"हाँ हाँ पूछो बेटा!"" आपको एक घंटे में कितने पैसे मिल जाते है?" छोटू...

गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

कौन याद करता है हिचकियाँ समझती हैं..

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कौन  याद करता है हिचकियाँ समझती हैं... बेटा ...कोई शायद याद कर रहा है इसलिए इतनी हिचकियाँ ले रहा है तू ... चल जा पानी पीकर आ"...बचपन में माँ के कहे हुए शब्द आज भी याद हैं.और पानी पीने से पहले जाने-अनजाने कितनों को याद कर लिया था उन दिनों में.  नौजवानी ने कदम बढ़ाए और जवानी के...

बुधवार, 27 अप्रैल 2011

डाक्टर बिनायक सेन पर फिल्म

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 डाक्टर बिनायक सेन पर फिल्म  आज टाइम्स ऑफ़ इंडिया पढ़ रहा था.ज्योति पुन्वानी का एक लेख छपा है उसमें डाक्टर बिनायक सेन पर.अच्छा लगा इसलिए उसके कुछ अंश आपके लिए हिंदी में देने की इच्छा है. लब्बो-लुबाब ये की अधिकांश लोगों को  डा. सेन के बारे में इतना भर मालूम है की उन्हें नक्सल मामलों...

सोमवार, 25 अप्रैल 2011

कौन है व्यापारी और उसकी चार पत्नियाँ !

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कौन है व्यापारी और उसकी  चार पत्नियाँ !सुनो विक्रमार्क! एक अमीर व्यापारी की चार पत्नियाँ थी.वह अपनी चौथी पत्नी को सबसे ज्यादा प्यार   करता था और दुनिया की सबसे बेहतरीन सुविधा मुहैया कराता.अपनी तीसरी पत्नी से वह अपेक्षाकृत कम प्यार करता था.अपने दोस्तों को भी दिखाया करता पर डरता भी था कि वह...

आओ बूंदों के पुजारी अश्वमेध पर कूच करें!

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आओ बूंदों के पुजारी अश्वमेध पर कूच करें!गुस्सैल सूरज  का पारा भड़क गया है और भड़कता ही जा रहा है.लाल आँखों से घूरते सूरज के दावानल का कहर अब दिन दूना-रात चौगुना बढ़ रहा  है.पहले तो धरती के जिस्म में  अनगिनत दरारें पड़ने  लगीं फिर मानव शरीरों से रश्मियों के प्रखर ने बूंदे निचोड़ना...

शनिवार, 23 अप्रैल 2011

मेरी जीवन संगिनी

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   मेरे सभी  मित्रों , अपनी पत्नी सुधा के नाम एक कविता उनके जन्मदिन पर लिखी थी. बहाने इसकी आपको दोस्ताना चुनौती दे रहा हूँ अपनी पत्नी के लिए कविता लिखने की..जो शादीशुदा है वो मौजूद पत्नी के लिए , जो शादी करेंगे वे होने वाली पत्नी के लिए . और जिनकी पत्नी सिर्फ यादो में ही बसी है वे उनकी...

मंगलवार, 19 अप्रैल 2011

सबसे खूबसूरत दिल वही जो बांटता है प्यार !

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सबसे खूबसूरत  दिल वही जो बांटता है प्यार ! "कुछ लोग ऊपर  से तो बड़ी चिकनी-चुपड़ी और मीठी -मीठी बातें करते है लेकिन उनके मन में जहर भरा होता है.ऐसे मिठलबरा इंसानों के पेट में दांत होते हैं.""ठीक कह रहे हो ... कुछ तो नारियल की तरह होते हैं ,ऊपर से सख्त लेकिन भीतर से उतने ही नर्म और कोमल"" सच...

शनिवार, 9 अप्रैल 2011

जनविजय का ऐतिहासिक सफा

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जनता की जीत नवभारत  के बिलासपुर एडिशन में  पहले पन्ने का बैनर था " जनसमर्थन की जीत". वाकई यह दो  टूक सच है.अन्ना के अनशन के सामने सरकार    झुकी और पाचों  बाते मानने पर मजबूर हो गई.फैसला होते ही जनता  जश्न में डूबी नजर आई. जन्तर-मंतर से  शुरू हुआ जादू  देश...

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

सैर कर दुनिया की गाफिल ज़िन्दगी फिर कहाँ ,जिंदगानी फिर रही तो नौजवानी फिर कहाँ !!!

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सैर कर दुनिया की गाफिल जिंदगानी फिर कहाँ  ,जिंदगानी फिर रही तो नौजवानी फिर कहाँ? राहुल सांकृत्यायन महापंडित राहुल सांकृत्यायन उपनाम: केदारनाथ पाण्डेय जन्म: ९ अप्रैल, १८९३ ग्राम पंदहा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत मृत्यु: १४ अप्रैल, १९६३ दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल, भारत कार्यक्षेत्र: बहुभाषाविद्,...