गुरुवार, 31 मार्च 2011

ईमानदार लकडहारा और प्रियंका चोपड़ा ..

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..आफत कब कौन सा चेहरा लेकर आपके या हमारे सामने आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता.जिंदगी में कई बार यह महसूस भी किया होगा.सुनो एक लकडहारे का किस्सा.नदी के किनारे वह पेड़ पर लकड़ियाँ काट रहा था.अचानक कुल्हाड़ी नदी में गिर गई.लगा जोरों से चिल्लाने.... भगवान नदी से प्रकट हुए और लकडहारे से पूछा," भाई! क्यूं रो रहे हो?लकडहारे ने जवाब दिया ,"मेरी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई है.वही मेरा रोजी-रोटी कमाने का साधन थी.
                     चिंतित भगवान्  ने डुबकी लगाई और सोने की कुल्हाड़ी निकालकर पूछा  " यही है क्या तुम्हारी कुल्हाड़ी?  लकडहारे ने जवाब दिया,"नहीं'".भगवान ने   दूसरी बार डुबकी लगाई और चांदी की कुल्हाड़ी  निकाली और पूछा ,"जरूर ये तुम्हारी कुल्हाड़ी होगी" ." नहीं" - इस बार भी जवाब था लकडहारे का .आखिरी बार डुबकी लगाकर भगवान ने जब लोहे की कुल्हाड़ी निकालीऔर लकडहारे से पूछा तब उसने फ़ौरन हामी भर दी.
      ईमानदार था लकडहारा .भगवान ने उसे प्रसन्न होकर तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं.लकडहारा ख़ुशी-ख़ुशी अपने घर लौटा." दद्दू! इसमें नई क्या बात है ?यह तो हम चौथी क्लास से जानते है." मैंने उनसे कहा.
 यार! वो उस ज़माने की बात है" दद्दू ने मेरा मुह बंद करते हुए कहा की इस स्टोरी  की नई पैकिंग मै तुम्हें सुनाता हूँ, लो सुनो-
               लकडहारा अपनी पत्नी के साथ नदी के किनारे टहल रहा था.अचानक उसकी पत्नी फिसलकर नदी में गिर गई.जब वह चीखने लगा,भगवान फिर प्रकट हुए," क्यूं रो रहे हो भाई?उनहोंने पूछा." हे भगवान!मेरी पत्नी नदी में गिर गई है उसे बचाइए?भगवान ने पानी में डुबकी लगाई जब वे बाहर निकले तब उनके साथ  प्रियंका चोपड़ा थी.." क्या यह तुम्हारी पत्नी  है? भगवान ने लकडहारे से पूछा .
                   हाँ ... हाँ... यईच  है ... फौरन लकडहारे ने हामी भर दी . अब भगवान ठहरे त्रिकालदर्शी.आग-बबूला होकर तमतमाए," तुम झूठ बोलते  हो लकडहारे . यह एकदम गलत है."
" हे भगवान!मुझे क्षमा कीजिए.यही तो आपकी गलतफहमी है.देखिए.. यदि मैंने प्रियंका चोपड़ा के लिए इनकार कर दिया होता तब दूसरी बार आप बिपाशा बासु को निकाल लाते. फिर अगर इनकार करता तब तीसरी बार आप  मेरी  पत्नी को निकाल लाते . तब यदि  मै अपनी पत्नी को देखकर हाँ कहता तब आप खुश होकर उन तीनों को मुझे दे देते.( तीनों कुल्हाडियों की तरह)
       दरअसल भगवान जी! मैं ठहरा गरीब लकडहारा .आप ही ...बताइए इस गरीबी और महंगाई के जमाने में तीन -तीन को कहाँ से पालता?  " क्या कहा भगवान जी?१ प्रियंका और बिपाशा तो करोड़ों कमा रही हैं! " चालाकी  छोडिये  भगवान जी! ...ऐसा सिर्फ  बालीवुड की फिल्मों में ही होता है की रईस लड़की किसी   फाकामस्त से शादी  करती है .  अब समझे भगवान जी! मैंने प्रियंका चोपड़ा के नाम से हामी क्यों भर दी थी? 
? भगवान भी लकडहारे की सूझ पर मुस्कुराये बगैर नहीं रह सके थे.
                         चलिए... कल फिर मिलेंगे... 
                                                      मस्त  रहिए मुस्कुराते रहिए
                                                                                                   किशोर दिवसे 

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4 टिप्‍पणियां:

  1. किशोर भाई
    आज के समय नदियाँ सूखती जा रही हैं,जो बची हैं बिकती जा रही हैं,पत्नी के डूबने का चांस ही नहीं,प्रियंका तो ख्वाब में ही.....हा हा हा हा

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  2. सुन्दर रचना, आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा, आपसे अनुरोध है की प्रेम व भाईचारा के प्रतीक " भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" पर आकर follower बनकर हमारा सहयोग करें. हम आपकी प्रतीक्षा करेंगे. हमारा पता है........http://hamariadalat.blogspot.in/

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  3. sir i like your story
    abhishek dwivedi

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  4. क्या पोस्ट है
    लाजवाब
    लकड़हारे की फिर से शादी
    हो जाये तो बताना
    ********

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